Welcome To The Grand ज्ञान महाकुंभ
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास वर्ष 2004 से शिक्षा के भारतीयकरण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के आधुनिक शिक्षा में समावेश हेतु विभिन्न विषयों पर कार्य कर रहा है। मातृभाषा में शिक्षा, वैदिक गणित, चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास, पर्यावरण शिक्षा, शिक्षक शिक्षा, आत्मनिर्भर भारत आदि विषयों के संवर्धन एवं विकास के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर देशव्यापी कार्य किया जा रहा है। विद्यालयीय तथा उच्च शिक्षा में नवाचार, छात्र केंद्रित शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुभूति प्रयोग विभिन्न संस्थाओं द्वारा न्यास के साथ मिलकर किए जा रहे हैं, जिसके सुखद परिणाम शैक्षिक परिसरों में परिलक्षित हो रहे हैं।
इस वर्ष भारत के चारों क्षेत्र में ज्ञान कुंभ का आयोजन किया गया । उत्तर क्षेत्र में 1-2 अक्टूबर 2024 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार; पूर्व तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र का ज्ञान कुंभ नालंदा विश्वविद्यालय बिहार में 16, 17 एवं 18 नवंबर 2024 को; दक्षिण क्षेत्र के राज्यों द्वारा 21, 22 एवं 23 नवंबर को पांडिचेरी तथा पश्चिम क्षेत्र का ज्ञान कुंभ 30 नवंबर एवं 1 दिसंबर 2024 को गुजरात विद्यापीठ कर्णावती,अहमदाबाद में हुआ।
जैसा कि आपको विदित है कि विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मेला भारत के प्रयागराज में महाकुंभ के रूप में होता है। जनवरी-फरवरी 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने इस महाकुंभ को ज्ञान महाकुंभ बनाने का निर्णय लिया है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की केंद्रीय संचालन समिति ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण, कुंभ मेला प्रयागराज उत्तर प्रदेश शासन एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से कुंभ के अवसर पर ज्ञान महाकुंभ के आयोजन का विचार किया है। इस विशाल आयोजन में समस्त भारत से शिक्षाविद, शोधार्थी, युवा छात्र-छात्राएं, विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य कर रहे संत महात्मा, शिक्षा के क्षेत्र में निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे उद्योग जगत के सेवाभावी महानुभावों को आमंत्रित किया जा रहा है ।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास महाकुंभ 2025 के अवसर पर शिक्षा के विभिन्न विषयों को भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में एक माह तक कार्यशालाओं, भाषण, प्रतियोगिताओं आदि के माध्यम से प्रचारित, प्रसारित कर भारतीय शिक्षा को वैश्विक पटल पर ले जाने का महती कार्य करेगा।
इस आयोजन में भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतो से ज्ञानकुंभ में प्रतिदिन लगभग 500 कार्यकर्तागण/ विद्वान तथा 7, 8 एवं 9 फरवरी 2025 को तीन दिवसीय अखिल भारतीय विशेष आयोजन हेतु लगभग 2000 प्रतिभागी आयेंगे।